विद्युत उद्योग एक बहुविषयक उच्च पूंजीगत गहन उद्योग है ।
विद्युत क्षेत्र में मानव की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है ।
विद्युत उत्पादन स्टेशनों को बिजली के पारेषण और वितरण सहित परियोजना योजना कार्यान्वयन इरैक्सन चालू करने परीक्षण करने, प्रचालन और अनुरक्षण के लिए तकनीक रूप से प्रशिक्षित जन शक्ति की आवश्यकता होती है ।
शैक्षिक संस्थानों में ऐसा कोई औपचारिक अध्ययन नहीं करवाया जाता जिससे विद्युत क्षेत्र में कार्य-निष्पादन के लिए अपेक्षित विभिन्न ज्ञान वाले व्यक्तियों को तैयार किया जा सके ।
इस उद्योग में प्रत्येक स्तर पर कार्मिकों के लिए विशेष प्रशिक्षण आवश्यक होता है ताकि विद्युत उद्योग में तेजी से हो रही उन्नत आधुनिकीकरण की उन्हें जानकारी दी जाए।
विद्युत राष्ट्रीय विकास और औद्योगीकरण का आधार है इसलिए इसे उच्चदक्षता पर रखना अनिवार्य है ।