थर्मल पावर इंजीनियरिंग में एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा (एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त)
स्नातक इंजीनियरों, डिप्लोमा इंजीनियरों/प्रचालकों के लिए थर्मल पावर स्टेशनों के प्रचालन और अनुरक्षण में ५२ सप्ताह का अधिष्ठापन (इंडक्शन) स्तरीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
हाइड्रो पावर प्लांट इंजीनियरी में ३९ सप्ताह का स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम
२६ सप्ताह का स्नातक इंजीनियर्स (थर्मल गहन पाठ्यक्रम)
विद्युत प्रणाली में २६ सप्ताह का स्नातक इंजीनियर पाठ्यक्रम
पारेषण और वितरण के प्रचालन और अनुरक्षण में २६ सप्ताह का स्नातक इंजीनियर पाठ्यक्रम
पारेषण और वितरण में जीआईएस और आईटी संबंधी २६ सप्ताह का पाठ्यक्रम
स्नातक इंजीनियरों और पर्यवेक्षकों/प्रचालकों के लिए हाइड्रो पावर प्लांट के प्रचालन और अनुरक्षण में ३९ सप्ताह का पाठ्यक्रम
तकनीशिएनों के लिए ५० सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम
सेवारत इंजीनियरों/पर्यवेक्षकों/प्रचालकों के लिए अल्पकालिक पुनश्चर्या कार्यक्रम
अनुरक्षण तकनीशियों के लिए अल्पकालिक पाठ्यक्रम
अनुकरण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
पीएसटीआई में विद्युत प्रणाली प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
एचएलटीसी में लाइव लाइन अनुरक्षण पाठ्यक्रम
नंगल में हाइड्रो पावर संबंधी अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
जीआईएस और रिमोट सेसिंग संबंधी ५२ सप्ताह का उच्च डिप्लोमा कार्यक्रम
२६ सप्ताह का स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम (थर्मल गहन)
औपचारिक प्रशिक्षण को पूरा करने के लिए कार्य पर प्रशिक्षण आवश्यक है । इससे प्रशिक्षार्थियों को वास्तविक कार्य की स्थिति में रहते हुए कार्यों की अच्छी समझ आ जाती है । कार्य के क्षेत्र विशेष में विशेष जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए अपेक्षित कौशलों का ज्ञान प्राप्त करने पर विशेष बल दिया जाता है । कार्य पर अनुभव क्षेत्र विशेष के सरल और सघन बनाता है जिसे उस क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार जिसमें कार्य पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है विशेष प्रकार की कार्य पुस्तिकाएं तैयार की जा रही हैं ।
सीएएमपीएस ने विद्युत प्रबंधन संबंधी एमबीए कार्यक्रम पहली बार शुरू किया है । इस महाद्वीप में विद्युत प्रबंधकों की भारी आवश्यकता पूरा करने के लिए शुरू किया गया है । यह कार्यक्रम विद्युत क्षेत्र में स्वावलंबन और भारतीय विद्युत क्षेत्र को वाणिज्यिक दिशा में ले जाने के लिए विद्युत मंत्रालय के सघन प्रयासों से शुरू किया गया है । यह एमबीए कार्यक्रम एआईसीटीई द्वारा अनुमोदित और महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, रोहतक से संबद्ध है । कुछ अंतर के साथ इस कार्यक्रम में विद्युत क्षेत्र के विषयों और प्रकृति में सुधार लाने पर विशेष बल दिया जाता है ताकि इस चुनौतीपूर्ण समय में विद्युत उद्योग की जीवंत समस्याओं पर प्रंबंधन के सिद्धांतों और संकल्पनाओं को लागू करते हुए भारतीय विद्युत क्षेत्र के इंजीनियरों को और क्षमता दी जा सके । यह स्नातकोत्तर कार्यक्रम ऐसी सर्वोत्तम गुणवत्ता भी प्रदान करती है, ताकि समुचित प्रबंधकीय और तकनीकी कौशल वार कारोबार नेता और स्नातक कार्यक्रम तैयार किए जा सके, जो नए तरीके से सोच सकें और समाज के प्रति संवेदनशील हों और वैकल्पिक समाधान खोज सके और भारतीय विद्युत क्षेत्र को प्रभावी और दक्ष तरीके से संचालित कर सके । इस कार्यक्रम में भाग लेने वालों के लिए १२० सीटें हैं, जिनमें से----- सीट विद्युत क्षेत्रक संगठनों द्वारा प्रायोजित उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं ।
विद्युत इंजीनियरी (यांत्रिक/ विद्युत) पाठ्य्क्रम में ४ वर्षीय बी.टेक/बी.ई पाठ्यक्रम एनपीटीआई द्वारा संचालित किया जाता है और भारत में अपने किस्म का पहला पाठ्यक्रम है । यह कार्यक्रम ऐसे युवा आकाक्षियों के लिए जो विद्युत उद्योग में शानदार कैरियर चाहे हैं । विद्युत उद्योग सभी औद्योगिक क्रियाकलापों की राढ़ है । इस कार्यक्रम में बी.टेक में सामान्यतः पढ़ाए जाने वाले विषय पढ़ाए जाते हैं और भारतीय विद्युत अधिनियम १९५६ पर विशेष बल दिया जाता है और विद्युत क्षेत्र के लिए कुशल इंजीनियरी कार्यपालक तैयार किए जाते हैं ।
यह एसआईसीटीई द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रम है जो नई दिल्ली, नागपुर और दुर्गापुर स्थित प्रतिष्ठानों में चलाया जा रहा है । इसमें ६० सीटें हैं और और पाठ्यक्रम क्रमशः जीजीएसआईपी विश्वविद्यालय, नागपुर विश्वविद्यालय और पश्चिम बंगाल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध है । इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य समुचित तकनीकी कौशल वाले प्रतिबद्ध और सक्षम व्यावसायिकों का पूल तैयार करना है, ताकि भारतीय विद्युत क्षेत्र का संचालन किया जा सके और इसे प्रौद्योगिकी वाणिज्यिक दिशा में चलाया जा सके । इन पाठ्यक्रमों की पाठ्य सामग्री भी इस प्रकार तैयार की गई है कि यांत्रिक/इलैक्ट्रिक विकल्प का चयन करने से अंततः दी जाने वाली डिग्री विद्युत इंजीनियरी (यांत्रिक/विद्युत) में बी.टेक/बी.ई की डिग्री दी जा सके, जो बदरपुर प्रतिष्ठान में दी जाती है ।
एनपीटीआई उद्योग उन्मुखी विशेषज्ञ कौशल सहित औपचारिक शिक्षा को जोड़ती है ताकि विद्युत क्षेत्र की आवश्यकता को पूरा किया जा सके । इसका सबसे सफल प्रयास विद्युत क्षेत्र के लिए तकनीकी रूप से प्रशिक्षित व्यक्तिपूरक तैयार करता है ताकि सरकारी क्षेत्रक उपक्रम/राज्य विद्युत बोर्ड/विद्युत प्रतिष्ठानों द्वारा भर्ती किए जाने के लिए व्यक्त् उपलबध हो सके । एनपीटीआई ने वर्ष १९९६ में अपने नई नई दिल्ली, नागपुर, दुर्गापुर और नैवेली, गुवाहाटी, नंगल में एक वर्षीय थर्मल पावर प्लांट इंजीनियरी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया गया है जिसे एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्रदान की गई है ।
पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम में भर्ती के लिए विशेष उत्साहजनक मांग प्राप्त हो रही है और कुछ वर्षों से कई विद्युत कंपनियों ने कैंपस भर्ती के जरिए इन प्रशिक्षित उम्मीदवारों की भर्ती की है । यह 1 (एक) वर्षीय पाठ्यक्रम नए और कार्यरत स्नातक इंजीनियरों के लिए है ।
पर्यवेक्षी संवर्ग में प्रशिक्षित जनशक्ति की आवश्यकता को बढ़ाने के लिए नई दिल्ली, नागपुर, दुर्गापुर और नैवेली में दिसम्बर, २००० में थर्मल पावर प्लांट इंजीनियरी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी आरंभ किया गया है ।
यह एक वर्षीय पाठ्यक्रम नए और कार्यरत डिप्लोमा इंजीनियरों के कौशल और अभिवृत्ति का विकास करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है । प्रत्येक प्रतिष्ठान में इसकी ५०-५० सीटें हैं ।