राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के विभिन्न संस्थानों में तकनीकी तथा प्रबंधन विषयों से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रमों का संचालन करने के लिए उच्च आधारभूत बुनियादी सुविधाएं हैं । इनमें भारतीय विद्युत और विविध ऊर्जा क्षेत्रों के थर्मल हाइड्रो, पारेषण तथा वितरण प्रणाली और ऊर्जा संबंधी क्षेत्रों की आवश्यकताएं भी शामिल हैं । इस प्रतिष्ठान का फरीदाबाद में ५०० मेगावाट थर्मल पावर प्रशिक्षण सिम्युलेटर है और नागपुर में स्थित प्रतिष्ठान में २१० मेगावाट थर्मल पावर प्रशिक्षण सिम्युलेटर हैं ताकि पूरे देश के प्रचालन संबंधी कार्मिकों को विशेषज्ञता कौशल का प्रशिक्षण दिया जा सके । इसको एक ४३० मेगावाट (२x१४३ मेगावाट गैस टरबाइन और १x१४४ मेगावाट स्टीम टरबाइन) का टरबाइन है । राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान, कारपोरेट कार्यालय, फरीदाबाद में पूर्ण स्कोप वाला संयुक्त चक्र गैस टरबाइन रेपलिका सिम्युलेटर चालू कर दिया गया है । राष्ट्रीय ग्रिड के लिए एक उच्च फेडेलिटी लोड डिस्पैच आपरेटर सिम्युलेटर पीएसटीआई, बेंगलूरू में शीघ्र ही संस्थापित किया जाएगा ।
राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान, कारपोरेट कार्यालय, फरीदाबाद में भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) संसाधन केंद्र स्थापित कर दिया गया है । यह केंद्र भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) और दूरस्थ संवेदी में स्नातकोत्तर ड्रिप्लोमा संचालित कर रहा है ताकि विद्युत क्षेत्र की अपेक्षाएं पूरी की जा सकें ।
राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के हॉट लाइन प्रशिक्षण केन्द्र, बेंगलूरू में यह सुविधा आरंभ की गई है ताकि ४०० केवी तक की पारेषण लाइनों का लाइव लाइन अनुरक्षण किया जा सके (यह एशिया में अपने प्रकार का पहला केन्द्र है) इससे प्रशिक्षित व्यक्ति बिजली को रोके बिना अपेक्षित अनुरक्षण कर सकते हैं इसमें उप-केंन्द्र उपस्कारों की पानी से धुलाई की सुविधा भी उपलब्ध है ।
जनशक्ति प्रशिक्षण
थर्मल, हाइड्रो, पारेषण तथा वितरण और प्रबंधन, विनियामक कार्य आदि के क्षेत्र में राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कई दीर्घकालिक, मध्यकालिक और अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं । विभिन्न विद्युत प्रतिष्ठानों के लिए उनकी आवश्यकतानुसार भी वर्ष भर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ।
राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान इस उद्देश्य से निम्नलिखित औद्योगिक इटरफेस्ड शैक्षिक कार्यक्रम भी आयोजित करता है ताकि ऐसे प्रतिबद्ध और सक्षम व्यावसायिकों का एक पूल बनाया जा सके जो भारतीय विद्युत क्षेत्र के संचालन के लिए समुचित तकनीकी कौशलयुक्त हों -
- थर्मल पावर संयंत्र इजीनियरी में एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम
- एआईसीटीआई द्वारा अनुमोदित विद्युत इंजीनियरी में चार-वर्षीय बी.टैक/बी.ई. डिग्री
- एआईसीटीआई द्वारा अनुमोदित विद्युत प्रबंधन में दो-वर्षीय एमबीए
- थर्मल पावर संयंत्र इंजीनियरी में एक-वर्षीय पोस्ट डिप्लोमा पाठ्यक्रम
- जीआईएस और दूरस्थ संवेदी (आरएस) में एक-वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा
- हाइड्रो विद्युत संयंत्र इंजीनियरी में नौ महीने का स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम
इंजीनियरों के लिए पारेषण और वितरण प्रणाली का ६ महीने का प्रचालन और अनुरक्षण पाठ्यक्रम
विद्युत वितरण कार्यक्रम में क्षमता प्रमाण-पत्र : विद्युत मंत्रालय ने यूएसएड की सहायता से पारेषण और वितरण के क्षेत्र में समूह ग और घ स्तर पर मानव संसाधन विकास की शुरूआत की है, जिसे इग्नू और राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के सहयोग से चलाया जा रहा है । यह कार्यक्रम विद्युत क्षेत्र में कार्य करने वाले तकनीशियनों/कारीगरों (जिन्हें यूटिलिटी द्वारा प्रायोजित किया गया हो) और प्रायोजित नहीं किए गए कम से कम आठवीं पास सामान्य उम्मीदवारों के लिए पाठ््यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। यह पाठ्यक्रम हमारे नागपुर और दुर्गापुर प्रतिष्ठान में संचालित किया जा रहा है ।
भारत-जर्मन ऊर्जा कार्यक्रम : मैसर्स इवोनिक एनर्जी सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड [जिसे पहले मैसर्स स्टीग इनकोटेक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (एसईएल) के रूप में जाना जाता था] ने राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान के साथ दीर्घकालिक समझौता किया है ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम/ संगोष्ठियां/ कार्यशालाएं आदि का आयोजन करके देश में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के अधीन विद्युत संयंत्र कार्य-निष्पादन रिपोर्टिंग और सुधार परियोजना का कार्यान्वयन किया जा सके । यह कार्यक्रम सीईए और बीईई के सहयोग से संचालित किया जा रहा है ।
परामर्शी सेवाएं: औद्योगिक अपेक्षाओं के रख-रखाव और बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञता का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान ने आर-एपीडीआरपी (११वीं योजना) के अधीन डीपीआर तैयार करने के लिए परामर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य शुरू कर दिया है और राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान को ६ राज्यों के लिए ११वीं योजना में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना संबंधी निर्माण कार्र्यों के चरण-३ निरीक्षण के लिए आरईसी के गुणवत्ता मानीटर के रूप में भी नियुक्त किया गया है । राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान को १०वीं योजना और ११वीं योजना के अधीन राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के निर्माण कार्य के लिए कुछ वितरण कंपनियों द्वारा अन्य पक्षकार निरीक्षण एजेंसी (टीपीआईए) का निर्माण कार्य भी सौंपा गया है ।
नए प्रशिक्षण प्रतिष्ठान स्थापित करना
सोलापुर विद्युत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (महाराष्ट्र) : प्रशिक्षित जनशक्ति की कमी को पूरा करने के लिए ऐसे संस्थानो को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है जिनमें उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में काम करने वाले विद्युत क्षेत्र के कार्मिकों के कौशल का विकास करने पर बल दिया गया है । ये संस्थान आठवीं/दसवीं/बारहवीं पास छात्रों और विद्युत क्षेत्र में कार्य करने वाले कार्मिकों को मान्यता प्राप्त आईटीआई पाठ््यक्रम आयोजित करके उन्हें राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद का प्रशिक्षण देंगे । इस संस्थान का प्रबंधन राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान द्वारा किया जाएगा । श्री सुशील कुमार शिंदे, माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री महोदय ने २७ दिसम्बर, २००८ को सोलापुर महाराष्ट्र में एनटीपीसी के २x६६० मेगावाट विद्युत संयंत्र में सोलापुर विद्युत प्रशिक्षण संस्थान की आधारभूत शिला रखी थी ।
बरकागांव रांची झारखंड में खनन प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना : एनटीपीसी ने झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थित बरकागांव में आईटीआई के स्तर के खनन प्रशिक्षण संस्थान के प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान से अनुरोध किया है । उपर्युक्त संस्थान को स्थापित करने के लिए एनटीपीसी अपेक्षित आधारभूत सुविधाएं मुहैया करवाएगा और राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान त्रि-पक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके इस संस्थान के पूरा होने पर इसे चलाएगा ।
राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान भारतीय विद्युत नियमावली, १९५६ जिसका १९८१ में संशोधन किया गया है, के नियम-३, उप-नियम २क के अधीन भारतीय विद्युत उद्योग को कार्मिक उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है ताकि उनके लिए समुचित रूप से प्रशिक्षित कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके ।
राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान इस्पात, सीमेंट, एल्यूमीनियम, उर्वरक, रिफाइनरी तथा बीबीएमबी, भेल, सीईए, डीपीएल, डीवीसी, ईसीआईएल, एफएसीटी, गेल, इफको,आईओसीएल, इरेड, कृभको, नालको, नीपको, एनएफएल, एनएचपीसी, एनएलसी, एनपीसी, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, सेल, टीएचडीसी, एपीजीईएनसीओ, सीईएसजी, एचपीजीसीएल, केपीसीएल, एमपीईवी, ओएचपीसी, ओपीजीसीएल, आरआरयूवीएनएल, यूपीआरबीयूएन, एसीसी, एईसीओ, बीएसईएस, हिंडाल्को आदि जैसे प्रक्रिया उद्योगों की प्रशिक्षण की आवश्यकता को भी पूरा कर रहा है ।
एईएस बर्का, ओमान, एकेसी एस, ओमान, बीपीडीबी, बंगलादेश, कंबोडिया, डीओपी भूटान, इथोपिया, ईराक, केनया, मलेशिया, मैक्सिको, म्यांमार, नेपाल, इनाइजीरिया, अफगानिस्तान, फिलीपीस, सूडान, सीरिया, जांविया, जेडईसए, जिम्बोब्वे नामक देशों के कई ट्रांसमिशनल कंपनियों के व्यावसायिकों ने भी एनपीटीआई की सुविधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त किया है ।
एनपीटीआई प्रशिक्षण और तकनीकी समस्याओं के संबंध में यूटिलिटियों को परामर्शी सेवाएं भी प्रदान करता है, जिनमें संयंत्र स्तर/राज्य स्तर के प्रशिक्षण प्रतिष्ठान स्थापित करना, भर्ती करना, प्रशिक्षण की आवश्यकता का विश्लेषण आरएपीडीआरपी स्कीमों आदि के आधीन डीपीआर तैयार करना भी शामिल है ।
मुख्य उद्देश्य
इस संगठन के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं -
- (क) विद्युत केन्द्रों का प्रचालन और अनुरक्षण और (ख) पारेषण उप पारेषण और वितरण सहित विद्युत ऊर्जा प्रणाली के सभी अन्य पहलुओं के क्षेत्र में प्रशिक्षण के राष्ट्रीय संगठन के रूप में कार्य करना ।
- देश के विद्युत क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों की पहल करने और समन्वय करने के लिए सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य करना ।
- विद्युत क्षेत्र के इंजीनियरों, प्रचालकों, तकनीशियनों और अन्य कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों की स्थापना करना और उनका संचालन करना ।
सहायक उद्देश्य
- विद्युत क्षेत्र में नियोजित किए जाने वाले स्नातक इंजीनियरों प्रचालकों और तकनीशियनों के लिए पाठ्य-विवरण और पाठ््यक्रम तैयार करना
- अन्य तकनीकी संस्थानों और उद्योगों सहित विभिन्न यूटिलिटीज के प्रशिक्षण क्रियाकलापों का समन्वय करना ।
- विभिन्न स्तरों के कार्मिकों के लिए योग्यता और प्रशिक्षण के मानक मानदंड स्थापित करना ।
- विद्युत आपूर्ति उद्योग के कार्मिक उपलब्ध करने के लिए उचित रूप से प्रशिक्षित कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्षमता और/भागीदारी का प्रमाणीकरण के प्रयोजन के लिए राष्ट्रीय प्रमाणन प्राधिकारी (एनसीए) के रूप में कार्य करना ।
- विद्युत उत्पादन और पारेषण प्रणालियों के प्रचालन अनुरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास की पहल करना और समन्वय करना ।
- इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अपेक्षित प्रयोगशालाओं कार्यशालाओं, परीक्षा पारेषण लाइनों, उप-केन्द्रों और अन्य सुविधाओं को स्थापित करना, उनका अनुरक्षण करना और प्रबंध करना ।
- विद्युत उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में सूचना एकत्र करना और उसका रख-रखाव करना ।
- संस्थान के उद्देश्यों के विस्तार के संबंध में सामग्री पत्र-पत्रिका या रिपोर्ट एकत्र करना, तैयार करना, संपादित करना और प्रकाशित करना ।
- संगोष्ठियां और कार्यशालाएं आयोजित करना ।
उद्यम (उद्यमों) या संस्थान (संस्थानों) या व्यक्ति (व्यक्तियों) के साथ करार निष्पादित करना और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदर्शन समनुदेशन प्रशिक्षण सामग्री या तकनीकी दिशा-निर्देश तैयार करने में सहयोग देना ।
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